'कोरोना' ने दे दिया सबसे मुश्किल टास्क,
ज़िन्दा रहना है अगर, मुख में बाँधो 'मास्क'।
मुख में बाँधो 'मास्क', यही कल्याण करेगा,
नवयुग के मानव का ये निर्माण करेगा।
मानव-मानव में फिर कोई भेद न होगा,
रूप-रंग से किसी को कोई खेद न होगा।
घर में कोई कैसा हो, पर बाहर सभी समान,
दुनिया में सब एक हैं, यही 'कोरोना' ज्ञान।
मुख ही सबसे ज्यादा खर्चे करवाता है,
सुन्दरता के बाहर चर्चे करवाता है।
भाव-भंगिमा मुख पर ही दर्शित होते हैं,
मुख की उपमा सुन सभी हर्षित होते हैं।
मुख गर ढका रहेगा तो खर्चे कम होंगे,
अन्दर-बाहर मेकअप के चर्चे कम होंगे।
घर की अर्थ व्यवस्था को आधार मिलेगा,
आपस के सम्बन्धों को सुधार मिलेगा।
मितव्ययता से जमा राशि को वृद्धि मिलेगी,
जीवन में स्वावलम्बन और समृद्धि मिलेगी।
मजबूरी है 'मास्क' तो अब लगाना होगा,
जीवन का आवश्यक अंग बनाना होगा।
नहीं लगाओगे तो फिर खुद पछताओगे,
'कोरोना' को अपने संग-संग घर लाओगे।
दीपक जोशी,
26/05/2020
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